Jan 6, 2026

प्रेम


सर्दी में सूरज की किरणें,

तन को खूब लुभाती है।

गगन में चमके चन्द्रमा,

सबका मन हरसाती है।।

प्रेम लुटाओ परिवार में,

सदा खुशहाली रहती है।

कल-कल बहती नदियाँ,

हर क्षण यही बताती है।। 

रिश्ते खूब निभाओ जग में,

इससे अद्वितीय हरियाली रहती है।

जीवन है अनमोल रतन,

वसुधैव कुटुम्बकम् सिखलाती है।।

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