सर्दी में सूरज की किरणें,
तन को खूब लुभाती है।
गगन में चमके चन्द्रमा,
सबका मन हरसाती है।।
प्रेम लुटाओ परिवार में,
सदा खुशहाली रहती है।
कल-कल बहती नदियाँ,
हर क्षण यही बताती है।।
रिश्ते खूब निभाओ जग में,
इससे अद्वितीय हरियाली रहती है।
जीवन है अनमोल रतन,
वसुधैव कुटुम्बकम् सिखलाती है।।